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शनिवार, 13 जुलाई 2019

क्या तुम जानते हो परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है


क्या तुम जानते हो परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है


पुराना युग बीत चुका है, और नया युग आ गया है। वर्ष दर वर्ष, और दिनोंदिन परमेश्वर ने बहुत काम किया है। वह इस संसार में आया और फिर लौट गया। ऐसा चक्र अनेक पीढ़ियों तक लगातार चलता रहा। आज भी परमेश्वर को जो काम करना है वह उसी प्रकार काम करता है वह काम जिसे उसे अभी पूरा करना है, उसने आज तक विश्राम में प्रवेश नहीं किया है। सृष्टि के समय से लेकर आज तक परमेश्वर ने बहुत से काम किये हैं, परंतु क्या तुम जानते हो कि परमेश्वर आज जो काम करता है वह पहले से अधिक बड़ा है, और उसका स्वरूप भी बड़ा है?

गुरुवार, 11 जुलाई 2019

पतरस ने यीशु को कैसे जाना

उस समय के दौरान जो पतरस ने यीशु के साथ बिताया, उसने यीशु में अनेक प्यारे अभिलक्षणों, अनेक अनुकरणीय पहलुओं, और अनेक ऐसी चीजों को देखा जिन्होंने उसे आपूर्ति की।


पतरस ने यीशु को कैसे जाना


उस समय के दौरान जो पतरस ने यीशु के साथ बिताया, उसने यीशु में अनेक प्यारे अभिलक्षणों, अनेक अनुकरणीय पहलुओं, और अनेक ऐसी चीजों को देखा जिन्होंने उसे आपूर्ति की। यद्यपि पतरस ने कई तरीकों से यीशु में परमेश्वर के अस्तित्व को देखा, और कई प्यारे गुण देखे, किन्तु पहले वह यीशु को नहीं जानता था। पतरस जब 20 वर्ष का था तब उसने यीशु का अनुसरण करना आरम्भ किया, और छः वर्ष तक वह ऐसा करता रहा। उस समय के दौरान, उसे यीशु के बारे में कभी भी पता नहीं चला, किन्तु वह केवल उसके प्रति आदर और प्रशंसा के भाव के कारण उसका अनुसरण करने को तैयार रहता था।

सोमवार, 8 जुलाई 2019

स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है


स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है


देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है, तथा मसीह परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धारण किया गया देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है बल्कि आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा पूर्ण परमेश्वरत्व दोनों हैं। उसकी दिव्यता किसी भी मनुष्य द्वारा धारण नहीं की जाती है। उसकी सामान्य मानवता देह में उसकी समस्त सामान्य गतिविधियों को बनाए रखती है, जबकि दिव्यता स्वयं परमेश्वर के कार्य करती है। चाहे यह उसकी मानवता हो या दिव्यता, दोनों स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति समर्पित हैं।

बुधवार, 12 जून 2019

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी मसीह को एक सामान्य व्यक्ति के रूप में मानती है। उनकी गलती कहां है?

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-अफवाहों पर सीधे ही प्रहार करन:चीनी कम्युनिस्ट पार्टी मसीह को एक सामान्य व्यक्ति के रूप में मानती है। उनकी गलती कहां है?

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी मसीह को एक सामान्य व्यक्ति के रूप में मानती है। उनकी गलती कहां है?


झेंग वेगुओ (शहरी संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग के मंत्री): तुम गवाही देते हो कि यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर दोनों ही पहले और अंतिम मसीह हैं। हमारी चीनी कम्युनिस्ट सरकार इस बात को नहीं मानती, 'द इंटरनेशनेल' में उसने साफ कहा है, "संसार में कोई उद्धारकर्ता कभी नहीं रहा।" तुम रक्षक मसीह की वापसी की गवाही पर ज़ोर देते हो। तो चीनी कम्युनिस्ट सरकार तुम्हारी निंदा क्यों न करे? हमारे विचार से, यीशु जिनमें ईसाई विश्वास करते हैं, एक आम व्यक्ति थे। यहाँ तक कि उन्हें सूली पर भी चढ़ा दिया गया था। यहूदी तक उन्हें मसीह नहीं मानते हैं। क्या यह सच्चाई नहीं है? अंत के दिनों के जिन देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की तुम गवाही देते हो वे भी तो एक आम इंसान ही हैं।

शुक्रवार, 7 जून 2019

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा


तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा


क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्धारा कहे गए वचनों को सुनना चाहते हो? यदि ऐसा है, तो तुम यीशु के लौटने का कैसे स्वागत करेंगे? क्या तुम पूरी तरह से तैयार हो? किस ढंग से तुम यीशु के लौटने का स्वागत करेंगे? मुझे लगता है कि प्रत्येक भाई और बहन जो यीशु का अनुसरण करतें हो यीशु का अच्छी तरह से स्वागत करना चाहेंगे। परन्तु क्या तुम लोगों ने विचार किया है कि जब यीशु वापस आएगा तो क्या तुम सचमुच में उसे पहचान लेंगे? क्या तुम लोग सचमुच में वह सब कुछ समझ जाएँगे जो वह कहेगा? क्या तुम लोग वे सब कार्य जो यीशु करेगा, उन्हें, बिना किसी शर्त के, सचमुच में स्वीकार कर लेंगे? वे सब जिन्होंने बाइबल पढ़ी है, यीशु के लौटने के बारे में जानते हो, और वे सब जिन्होंने बाइबल को अभिप्राय से पढ़ी है, उसके आगमन की प्रतीक्षा करते हो।

शनिवार, 25 मई 2019

देहधारण का रहस्य (1)

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देहधारण का रहस्य (1)


अनुग्रह के युग में, यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। वह स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य था। यीशु के बपतिस्मा के बाद "पवित्र आत्मा शारीरिक रूप से कबूतर के समान उस पर उतरा"। तब यीशु ने अपना काम आरम्भ किया, अर्थात्, उसने मसीह की सेवकाई करना प्रारम्भ किया। इसीलिए उसने परमेश्वर की पहचान को अपनाया, क्योंकि वह परमेश्वर से आया था। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि इससे पहले उसका विश्वास कैसा था—कदाचित् कभी-कभी यह दुर्बल रहा हो, या कभी-कभी यह मज़बूत—यह सब अपनी सेवकाई को करने से पहले के उसके सामान्य मानव जीवन से संबंधित था।

बुधवार, 22 मई 2019

परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे

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परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे

आरंभ में परमेश्वर विश्राम कर रहा था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था, और परमेश्वर ने किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। परमेश्वर ने अपने प्रबंधन के कार्य को केवल तब आरंभ किया जब एक बार मानवजाति अस्तित्व में आ गई और एक बार जब मानव जाति भ्रष्ट कर दी गई। इसके बाद से, परमेश्वर ने अब और विश्राम नहीं किया बल्कि इसके बजाय उसने स्वयं को मनुष्यजाति के बीच व्यस्त रखना आरंभ कर लिया। यह मनुष्यों की भ्रष्टता की वजह से था कि परमेश्वर को उसके विश्राम से उठा दिया गया, और यह प्रधान स्वर्गदूत के विद्रोह के कारण भी था कि जिसने परमेश्वर को उसके विश्राम से उठा दिया। यदि परमेश्वर शैतान को परास्त नहीं करता और मानव जाति को नहीं बचाता है, जो की भ्रष्ट हो चुकी है, तो परमेश्वर पुनः कभी भी विश्राम में प्रवेश नहीं कर पाएगा। जैसे मनुष्य में विश्राम का अभाव है, वैसे ही परमेश्वर में भी है।

सोमवार, 6 मई 2019

केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है

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केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है


जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर के बिना जीवन का मार्ग नहीं है, और इसलिए केवल परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जीवन के जल का सदा बहने वाला सोता है। जब से उसने संसार को रचा है, परमेश्वर ने जीवन की प्राणशक्ति से जुड़े बहुत से कार्य किये हैं, बहुत सारा कार्य मनुष्य को जीवन प्रदान करने के लिए किया है और बहुत अधिक मूल्य चुकाया है ताकि मनुष्य जीवन को प्राप्त करे, क्योंकि परमेश्वर स्वयं ही अनन्त जीवन है, और वह स्वयं ही वह मार्ग है जिससे मनुष्य नया जन्म लेता है।

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

Hindi Christian Video "परिवार में रक्तिम पुनर्शिक्षा" क्लिप 5 - ईसाई धर्म को कैसे समझा जाना चाहिए?


Hindi Christian Video "परिवार में रक्तिम पुनर्शिक्षा" क्लिप 5 - ईसाई धर्म को कैसे समझा जाना चाहिए?

यह सामान्य ज्ञान है कि ईसाई धर्म, कैथोलिक धर्म और पूर्वी परंपरावादी कलीसिया सभी धर्म हैं जो प्रभु यीशु मसीह में विश्वास करते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया अंत के दिनों के मसीह की उपस्थिति और कार्य के कारण अस्तित्व में आई। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया राज्य के युग में मसीह की कलीसिया है, और यह ईसाई धर्म का एक हिस्सा भी है।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग दो)


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारण का अर्थ यह है कि परमेश्वर देह में प्रकट होता है, और वह अपनी सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करने आता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, उसे सबसे पहले देह, सामान्य मानवता वाली देह अवश्य होना चाहिए; यह, कम से कम, सत्य अवश्य होना चाहिए। वास्तव में, परमेश्वर का देहधारण का निहितार्थ यह है कि परमेश्वर देह में रह कर कार्य करता है, परमेश्वर अपने वास्तविक सार में देहधारी बन जाता है, एक मनुष्य बन जाता है।

शनिवार, 12 जनवरी 2019

Hindi Christian Video Clip 6 - देहधारण के माध्यम से परमेश्वर के लिए उनका कार्य करने की आवश्यकता


Hindi Christian Video "भक्ति का भेद" क्लिप 6 - देहधारण के माध्यम से परमेश्वर के लिए उनका कार्य करने की आवश्यकता

ऐसा क्यों कहा गया है कि यह परमेश्वर के लिए भ्रष्ट मानवजाति को बचाना देहधारण से अधिक फायदेमंद है? परमेश्वर के देहधारण की आवश्यकता और प्रमुख महत्व को कैसे देखा जा सकता है? समझें? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "मनुष्य की देह को शैतान के द्वारा भष्ट किया गया है, और बिलकुल अन्धा कर दिया गया है, और गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया गया है। परमेश्वर किस लिए व्यक्तिगत रूप से देह में कार्य करता है उसका अत्यंत मौलिक कारण है क्योंकि उसके उद्धार का विषय है मनुष्य, जो देह से है, और क्योंकि शैतान भी परमेश्वर के कार्य को बिगाड़ने के लिए मनुष्य की देह का उपयोग करता है।

रविवार, 6 जनवरी 2019

"वे कौन हैं जो वापस आए हैं" क्लिप 1 - सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 1


Hindi Christian Movie "वे कौन हैं जो वापस आए हैं" क्लिप 1 - सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 1

अब हम अंत के दिनों के आखिरी दौर में हैं और परमेश्वर की वापसी के बारे में बाइबल में दी गईं सभी भविष्यवाणियाँ अब पूरी हो चुकी हैं। क्योंकि बाइबल की भविष्यवाणियाँ कहती हैं कि अंत के दिनों में झूठे मसीह होंगे, इसलिए, बहुत से लोग अपने दरवाजे बंद कर लेते हैं और खुद को अपने तक सीमित रखते हैं। यहाँ तक कि यदि वे किसी से यह सुन भी लेते हैं कि प्रभु वापस आ गया है, तो भी वे जाकर खोज या जाँच नहीं करते हैं, और इसके अलावा वे मानते हैं कि जो कोई भी यह कहता है कि प्रभु देह में लौट आया है वह झूठा और कपटी है।

रविवार, 14 अक्टूबर 2018

clip (2) - क्‍या प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्‍वीकार करना स्‍वधर्म त्‍याग है?


Hindi Gospel Movie clip "मेरे काम में दखल मत दीजिए" (2) - क्‍या प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्‍वीकार करना स्‍वधर्म त्‍याग है?

बाइबल में, पौलुस ने कहा था, "मुझे आश्‍चर्य होता है कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया उससे तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।" (ग़लातियों 1:6)। पादरी और एल्‍डर्स पौलुस के इन वचनों की ग़लत व्‍याख्‍या करते हैं, और उन सभी की, जो प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्‍वीकार करते हैं, यह कहते हुए निंदा करते हैं कि यह स्‍वधर्म त्‍याग होगा और कि यह प्रभु के साथ विश्‍वासघात करना होगा।

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग पांच)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग पांच)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:
अय्यूब के विषय में
हम अय्यूब के दैनिक जीवन में खराई, सीधाई, परमेश्वर का भय, और बुराई से दूरी को देखते हैं
अय्यूब की परीक्षाओं के दौरान उसकी मानवता का प्रकटीकरण (अय्यूब की परीक्षाओं के दौरान उसकी खराई, सीधाई, परमेश्वर का भय, और बुराई से दूर रहने समझना)
अय्यूब की वैचारिक शक्ति
अय्यूब का असली चेहरा: सच्चा, शुद्ध, और बिना किसी असत्य का

सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग चार के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग चार के क्रम में)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 

सृष्टिकर्ता के अधिकार को समय, स्थान, या भूगोल द्वारा विवश नहीं किया जा सकता है, और न ही उसके अधिकारों का मूल्यांकन किया जा सकता है

सभी चीज़ों व प्राणियों के ऊपर सृष्टिकर्ता के नियन्त्रण और प्रभुत्व की सच्चाई सृष्टिकर्ता के अधिकार के सच्चे अस्तित्व के विषय में बोलते हैं

शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है"


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर का भय और बुराई से दूर रहना और परमेश्वर को जानना अदृश्य तरीके से एक दूसरे से असंख्य धागों से जुड़ी रहती है और इनके मध्य यह सम्बन्ध स्पष्ट है। यदि एक व्यक्ति बुराई से दूर रहना चाहता है, तो उस व्यक्ति को परमेश्वर का वास्तविक भय होना आवश्यक है; यदि कोई परमेश्वर का वास्तविक भय प्राप्त करना चाहता है, तो उसे परमेश्वर के वास्तविक ज्ञान की आवश्यकता है;

गुरुवार, 27 सितंबर 2018

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक के क्रम में)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
पहले दिन, परमेश्वर के अधिकार के कारण मानवजाति के दिन और रात उत्पन्न हुए और स्थिर बने हुए हैं
दूसरे दिन, परमेश्वर के अधिकार ने मनुष्य के जीवित रहने के लिए जल का प्रबन्ध किया, और आसमान, और अंतरीक्ष को बनाया
तीसरे दिन, परमेश्वर के वचनों ने पृथ्वी और समुद्रों की उत्पत्ति की, और परमेश्वर के अधिकार ने संसार को जीवन से लबालब भर दिया

God's words in this video are from the book "Continuation of The Word Appears in the Flesh".

सोमवार, 24 सितंबर 2018

मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग तीन के क्रम में)



अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग तीन के क्रम में)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को एवं उस मानक को कैसे निर्धारित करता है जिसके द्वारा वह मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करता है
एक व्यावहारिक प्रश्न जो लोगों में सब प्रकार की शर्मिंदगी को लाता है

गुरुवार, 13 सितंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
पहले दिन, परमेश्वर के अधिकार के कारण मानवजाति के दिन और रात उत्पन्न हुए और स्थिर बने हुए हैं
दूसरे दिन, परमेश्वर के अधिकार ने मनुष्य के जीवित रहने के लिए जल का प्रबन्ध किया, और आसमान, और अंतरीक्ष को बनाया
तीसरे दिन, परमेश्वर के वचनों ने पृथ्वी और समुद्रों की उत्पत्ति की, और परमेश्वर के अधिकार ने संसार को जीवन से लबालब भर दिया

सोमवार, 10 सितंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग तीन)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग तीन)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:

परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को एवं उस मानक को कैसे निर्धारित करता है जिसके द्वारा वह मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करता है
एक व्यावहारिक प्रश्न जो लोगों में सब प्रकार की शर्मिंदगी को लाता है

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...