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शनिवार, 24 अगस्त 2019

आज परमेश्वर के कार्य को जानना

इन दिनों परमेश्वर के कार्यों को जानना, अधिकांशतः, यह जानना है कि अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर की मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है।

आज परमेश्वर के कार्य को जानना

इन दिनों परमेश्वर के कार्यों को जानना, अधिकांशतः, यह जानना है कि अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर की मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है। मैंने पहले अपने वचनों में उल्लेख किया था कि प्रस्थान से पहले हमारे सामने एक उदाहरण स्थापित करने के लिए परमेश्वर पृथ्वी पर (अंत के दिनों के दौरान) आया है। परमेश्वर किस प्रकार यह उदाहरण स्थापित करता है? सम्पूर्ण देशों में कार्य करने और वचनों को बोलने के द्वारा। अंत के दिनों में यही परमेश्वर का कार्य है; वह केवल बोलता है, ताकि पृथ्वी वचनों का संसार बन जाए, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को उसके वचनों द्वारा भरण पोषण और प्रबुद्ध किया जाए, और ताकि मनुष्य की आत्मा जागरूक हो जाए और वह स्वप्न के बारे में स्पष्ट हो जाए।

सोमवार, 12 अगस्त 2019

देहधारण का रहस्य (4)

देहधारण का रहस्य (4)


तुम लोगों को बाइबल के सृजन और उसके पीछे की कहानी के बारे में जानना चाहिए। यह ज्ञान उन लोगों का नहीं है जिन्होंने परमेश्वर के नये कार्य को स्वीकार नहीं किया है। वे नहीं जानते हैं। अगर तुम उन्हें सार के ये मामले समझाओ, तो वे बाइबिल की तुम्हारे सामने ज़्यादा तरफ़दारी नहीं करेंगे। वे लगातार उसकी तुच्छतापूर्वक जाँच करते हैं जिसकी भविष्यवाणी की गई है: क्या यह वक्तव्य घटित हो गया है? क्या वह वक्तव्य घटित हो गया है? सुसमाचार की उनकी स्वीकृति बाइबल के अनुसार है; वे बाइबल के अनुसार सुसमाचार का उपदेश देते हैं। परमेश्वर पर उनका विश्वास बाइबल के वचनों पर टिका है; बाइबिल के बिना, वे परमेश्वर में विश्वास नहीं करेंगे। वे बाइबल की तुच्छतापूर्वक जाँच करते हुए जीते हैं।

शनिवार, 10 अगस्त 2019

देहधारण का रहस्य (3)

देहधारण का रहस्य (3)


जब परमेश्वर अपना कार्य करता है, तो वह किसी भी निर्माण या आंदोलनों में शामिल होने नहीं आता है; वह अपनी सेवकाई को पूरा करने के लिए आता है। हर बार जब वह देह बनता है, तो यह केवल कार्य के किसी चरण को पूरा करने और एक नए युग का मार्ग प्रशस्त करने के लिए होता है। अब राज्य के युग का आगमन, और प्रशिक्षण की शुरूआत हो चुकी है। कार्य का यह चरण मनुष्य का कार्य नहीं है, यह मनुष्य पर कुछ हद तक कार्य करने के लिए नहीं है; यह केवल परमेश्वर के कार्य के एक हिस्से को पूरा करने के लिए है। जो वह करता है, वो मनुष्य का कार्य नहीं है, यह पृथ्वी को छोड़ने से पहले एक निश्चित अंश तक मनुष्य में कार्य करने के लिए नहीं है; यह उसकी सेवकाई को पूर्ण करने और उस कार्य को समाप्त करने के लिए है जो उसे करना चाहिए, जो कि पृथ्वी पर उसके कार्य के लिए उचित व्यवस्थाएँ करना, परिणामस्वरूप महिमान्वित बन जाना है।

देहधारण का रहस्य (2)

देहधारण का रहस्य (2)


उस समय जब यीशु ने यहूदिया में कार्य किया था, तब उसने खुलकर ऐसा किया, परन्तु अब, मैं तुम लोगों के बीच गुप्त रूप से काम करता और बोलता हूँ। अविश्वासी लोग इस बात से पूरी तरह से अनजान हैं। तुम लोगों के बीच मेरा कार्य उन लोगों के लिए बंद है जो बाहर हैं। इन वचनों, इन ताड़नाओं और न्यायों को केवल तुम लोग ही जानते हो और कोई नहीं। यह समस्त कार्य तुम लोगों बीच में कार्यान्वित किया जाता है और केवल तुम लोगों के लिए प्रकट किया जाता है; अविश्वासियों में से कोई भी इसे नहीं जानता है, क्योंकि समय अभी तक नहीं आया है। यहाँ ये लोग ताड़नाओं को सहने के बाद पूर्ण बनाए जाने के समीप हैं, परन्तु जो लोग बाहर हैं वे इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं।

गुरुवार, 8 अगस्त 2019

परमेश्वर के कार्य का दर्शन (2)

अनुग्रह के युग में पश्चाताप के सुसमाचार का उपदेश दिया गया, और कहा गया कि यदि मनुष्य विश्वास करता है, तो उसे बचाया जाएगा।


परमेश्वर के कार्य का दर्शन (2)


अनुग्रह के युग में पश्चाताप के सुसमाचार का उपदेश दिया गया, और कहा गया कि यदि मनुष्य विश्वास करता है, तो उसे बचाया जाएगा। आज, उद्धार के स्थान पर केवल विजय और पूर्णता की बात होती है। ऐसा कभी नहीं कहा जाता है कि यदि एक व्यक्ति विश्वास करता है, तो उसका पूरा परिवार धन्य हो जाएगा, या कि उद्धार एक बार और सदा के लिए हो जाता है। आज, कोई इन वचनों को नहीं बोलता है, और ऐसी चीजें पुरानी हो गई हैं। उस समय यीशु का कार्य समस्त मानव जाति का छुटकारा था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; जितने समय तक तुम उस पर विश्वास करते थे, उतने समय तक वह तुम्हें छुटकारा देगा; यदि तुम उस पर विश्वास करते थे, तो तुम अब और पापी नहीं थे, तुम अपने पापों से मुक्त हो गए थे।

शुक्रवार, 26 जुलाई 2019

परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है

परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा भिन्न-भिन्न युगों में, वह भिन्न-भिन्न वचन कहता है।

परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है

परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा भिन्न-भिन्न युगों में, वह भिन्न-भिन्न वचन कहता है। परमेश्वर नियमों से नहीं बँधता है, और एक ही कार्य को दोहराता नहीं है, और न अतीत की बातों को लेकर विषाद करता है; वह ऐसा परमेश्वर है जो सदैव नया है, कभी पुराना नहीं होता है, और वह हर दिन नये वचन बोलता है। जिस चीज का आज पालन किया जाना चाहिए उसका तुम्हें पालन करना चाहिए; यही मनुष्य की जिम्मेवारी और कर्तव्य है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि अभ्यास परमेश्वर की वर्तमान रोशनी और वास्तविक वचनों के आस-पास केन्द्रित हो। परमेश्वर नियमों का पालन नहीं करता है, और अपनी बुद्धि और सर्व-सामर्थ्य को प्रकट करने के लिए विभिन्न परिप्रेक्ष्यों से बोलने में सक्षम है।

सोमवार, 22 जुलाई 2019

तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई

6000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं।


तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई


6000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य केवल मानवजाति के पूर्णरूपेण विकास की प्रवृत्ति के अनुसार धीरे-धीरे रूपान्तरित हुआ है; सृष्टि के आरंभ में इसकी पहले से योजना नहीं बनाई गई थी। संसार का सृजन करने से पहले, या इसके सृजन के ठीक बाद, यहोवा ने अभी तक कार्य के प्रथम चरण, व्यवस्था की; कार्य के दूसरे चरण—अनुग्रह की; और कार्य के तीसरे चरण—जीतने की योजना नहीं बनायी थी, जिनमें वह सबसे पहले लोगों के एक समूह—मोआब के कुछ वंशजों के बीच कार्य करता, और इसके माध्यम से वह समस्त ब्रह्माण्ड को जीतता।

शनिवार, 20 जुलाई 2019

देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए गए लोगों के बीच महत्वपूर्ण अंतर

बहुत वर्षों से जैसे-जैसे परमेश्वर का आत्मा पृथ्वी पर कार्य करता जा रहा है वह निरंतर खोजता आ रहा है।


देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए गए लोगों के बीच महत्वपूर्ण अंतर


बहुत वर्षों से जैसे-जैसे परमेश्वर का आत्मा पृथ्वी पर कार्य करता जा रहा है वह निरंतर खोजता आ रहा है। युगों भर में परमेश्वर ने अपने कार्य को करने के लिए बहुत से लोगों का उपयोग किया है। फिर भी, परमेश्वर के आत्मा के पास आराम के लिए अभी भी कोई उपयुक्त स्थान नहीं है। इसलिए परमेश्वर भिन्न-भिन्न लोगों के बीच निरंतर इधर-उधर घूमते हुए अपना कार्य करता है, और कुल मिला कर वह इसे करने के लिए लोगों का उपयोग करता है। अर्थात्, इन सभी वर्षों में, परमेश्वर का कार्य कभी नहीं रुका है, बल्कि पूरी तरह से आज के दिन तक भी यह लगातार मनुष्य में आगे बढ़ाया जा रहा है।

मंगलवार, 16 जुलाई 2019

देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं


देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं


परमेश्वर के द्वारा किए गए कार्य के प्रत्येक चरण का एक वास्तविक महत्व है। जब यीशु का आगमन हुआ, वह पुरुष था, और इस बार वह स्त्री है। इससे, तुम देख सकते हो कि परमेश्वर ने अपने कार्य के लिए पुरुष और स्त्री दोनों का सृजन किया और वह लिंग के बारे में कोई भी भेदभाव नहीं करता है। जब उसका आत्मा आगमन करता है, तो वह इच्छानुसार किसी भी देह को धारण कर सकता है और वह देह उसका ही प्रतिनिधित्व करती है। चाहे यह पुरुष हो या स्त्री, दोनों ही परमेश्वर को प्रकट करते हैं क्योंकि यह उसका देहधारी शरीर है।

शनिवार, 13 जुलाई 2019

क्या तुम जानते हो परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है


क्या तुम जानते हो परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है


पुराना युग बीत चुका है, और नया युग आ गया है। वर्ष दर वर्ष, और दिनोंदिन परमेश्वर ने बहुत काम किया है। वह इस संसार में आया और फिर लौट गया। ऐसा चक्र अनेक पीढ़ियों तक लगातार चलता रहा। आज भी परमेश्वर को जो काम करना है वह उसी प्रकार काम करता है वह काम जिसे उसे अभी पूरा करना है, उसने आज तक विश्राम में प्रवेश नहीं किया है। सृष्टि के समय से लेकर आज तक परमेश्वर ने बहुत से काम किये हैं, परंतु क्या तुम जानते हो कि परमेश्वर आज जो काम करता है वह पहले से अधिक बड़ा है, और उसका स्वरूप भी बड़ा है?

सोमवार, 8 जुलाई 2019

स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है


स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है


देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है, तथा मसीह परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धारण किया गया देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है बल्कि आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा पूर्ण परमेश्वरत्व दोनों हैं। उसकी दिव्यता किसी भी मनुष्य द्वारा धारण नहीं की जाती है। उसकी सामान्य मानवता देह में उसकी समस्त सामान्य गतिविधियों को बनाए रखती है, जबकि दिव्यता स्वयं परमेश्वर के कार्य करती है। चाहे यह उसकी मानवता हो या दिव्यता, दोनों स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति समर्पित हैं।

गुरुवार, 13 जून 2019

भ्रष्ट मनुष्यजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की अधिक आवश्यकता है


भ्रष्ट मनुष्यजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की अधिक आवश्यकता है


       परमेश्वर देहधारी इसलिए बना क्योंकि उसके कार्य का लक्ष्य शैतान की आत्मा, या कोई अभौतिक चीज़ नहीं, बल्कि मनुष्य है, जो माँस से बना है और जिसे शैतान के द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया है। ऐसा निश्चित रूप से मनुष्य की देह को भ्रष्ट कर देने की वजह से है कि परमेश्वर ने हाड़-माँस के मनुष्य को अपने कार्य का लक्ष्य बनाया है; इसके अतिरिक्त, क्योंकि मनुष्य भ्रष्टता का लक्ष्य है, इसलिए उसने उद्धार के अपने कार्य के समस्त चरणों के दौरान मनुष्य को अपने कार्य का एकमात्र लक्ष्य बनाया है। मनुष्य एक नश्वर प्राणी है, और वह हाड़-माँस तथा लहू से बना है, और एकमात्र परमेश्वर ही है जो मनुष्य को बचा सकता है। इस तरह से, परमेश्वर को अपना कार्य करने के लिए ऐसा देह बनना होगा जो मनुष्य के समान ही गुणों को धारण करता हो, ताकि उसका कार्य बेहतर प्रभावों को प्राप्त कर सके।

गुरुवार, 30 मई 2019

Hindi Christian Song | प्रभु यीशु का अनुकरण करो | Lord Jesus Is Our Beloved


Hindi Christian Song | प्रभु यीशु का अनुकरण करो | Lord Jesus Is Our Beloved 


पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,
हर इंसान के छुटकारे के काम को,
क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,
इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजना थी।
परमेश्वर की योजना को केंद्र में रखा उसने।
स्वर्गिक पिता की इच्छा की खोज करते हुए,
प्रार्थना की स्वर्गिक पिता से उसने।
उसने खोज की, और प्रार्थना की सदा।
गर यीशु की तरह, परवाह करो परमेश्वर की तुम सभी,
और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम,
तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।

प्रार्थना की उसने, "हे परमपिता परमेश्वर!
अपनी इच्छा को पूरा कर।
मेरे इरादों के मुताबिक नहीं,
योजना पूरी हो तेरी तू ऐसे काम कर।
तू उस कमज़ोर इंसान की परवाह न कर,
जो चींटी की तरह है तेरे हाथों में।
है मेरी कामना मैं वो करूँ जो इच्छा है तेरी।
जो तू चाहे वो कर मुझमें।"
गर यीशु की तरह, परवाह करो परमेश्वर की तुम सभी,
और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम,
तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।

सोमवार, 27 मई 2019

2019 Best Hindi Christian Song | ख़ामोशी से आता है हमारे मध्य परमेश्वर | New Hind Gospel Song


2019 Best Hindi Christian Song | ख़ामोशी से आता है हमारे मध्य परमेश्वर | New Hind Gospel Song


मौन है परमेश्वर, सामने हमारे कभी प्रकट हुआ नहीं,
फिर भी कार्य उसका कभी रुका नहीं।
नज़र रखता है पूरी धरती पर, नियंत्रित करता है हर चीज़ को।
देखता है इंसान के सभी शब्दों को और काम को।
उसकी योजना के मुताबिक पूरा होता है धीरे-धीरे उसका प्रबंधन।
ख़ामोश, मगर बढ़ते हैं इंसान के करीब उसके कदम।
न्याय-पीठ उसकी तैनात होती है कायनात में,
उसके बाद होता है अवरोहण उसके सिंहासन का हमारे मध्य में, 
उसके सिंहासन का हमारे मध्य में।

शनिवार, 25 मई 2019

देहधारण का रहस्य (1)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन, यीशु, परमेश्वर का देहधारण, उजागर हुआ, मसीह

देहधारण का रहस्य (1)


अनुग्रह के युग में, यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। वह स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य था। यीशु के बपतिस्मा के बाद "पवित्र आत्मा शारीरिक रूप से कबूतर के समान उस पर उतरा"। तब यीशु ने अपना काम आरम्भ किया, अर्थात्, उसने मसीह की सेवकाई करना प्रारम्भ किया। इसीलिए उसने परमेश्वर की पहचान को अपनाया, क्योंकि वह परमेश्वर से आया था। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि इससे पहले उसका विश्वास कैसा था—कदाचित् कभी-कभी यह दुर्बल रहा हो, या कभी-कभी यह मज़बूत—यह सब अपनी सेवकाई को करने से पहले के उसके सामान्य मानव जीवन से संबंधित था।

सोमवार, 6 मई 2019

केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है

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केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है


जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर के बिना जीवन का मार्ग नहीं है, और इसलिए केवल परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जीवन के जल का सदा बहने वाला सोता है। जब से उसने संसार को रचा है, परमेश्वर ने जीवन की प्राणशक्ति से जुड़े बहुत से कार्य किये हैं, बहुत सारा कार्य मनुष्य को जीवन प्रदान करने के लिए किया है और बहुत अधिक मूल्य चुकाया है ताकि मनुष्य जीवन को प्राप्त करे, क्योंकि परमेश्वर स्वयं ही अनन्त जीवन है, और वह स्वयं ही वह मार्ग है जिससे मनुष्य नया जन्म लेता है।

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

Best Hindi Christian Song | मानवता के लिये बहुत महत्वपूर्ण देहधारी परमेश्वर | Thank God for His Love


Best Hindi Christian Song | मानवता के लिये बहुत महत्वपूर्ण देहधारी परमेश्वर | Thank God for His Love

देहधारी परमेश्वर कर सकता है वो काम, जिसे इंसान कर नहीं सकता,
क्योंकि वैसा नहीं है उसके भीतर का सार, जैसा इंसान का है।
बचा सकता है वो इंसान को, क्योंकि अलग है पहचान उसकी, इन्सान से।
मानवता के लिये बहुत ज़रुरी है ये देह,
क्योंकि मानव है वो, और सबसे बढ़कर परमेश्वर है वो।
क्योंकि जो कर सकता है वो, देह में कोई मामूली इंसान कर नहीं सकता,
बचा सकता है दूषित इंसान को वो, 
जो रहता है इसी धरती पर संग उसके, संग उसके।

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

Hindi Christian Variety Show "असल में प्रभु कैसे आते हैं?" (Crosstalk) Revealing Mystery of Jesus' Return


Hindi Christian Variety Show "असल में प्रभु कैसे आते हैं?" (Crosstalk) Revealing Mystery of Jesus' Return

अंत के दिनों में, प्रभु यीशु की वापसी का इंतज़ार करने वाले ईसाइयों का मूड बहुत ही गहन या भावुक हो जाता है, लेकिन सवाल ये है कि असल में प्रभु लौटेंगे कैसे? कुछ लोग कहते हैं, "प्रभु यीशु बादलों पर आएंगे।" दूसरे लोगों का कहना है, "उनके लौटने की भविष्यवाणियाँ ये भी कहती हैं, 'देख, मैं चोर के समान आता हूँ' (प्रकाशितवाक्य 16:15)। 'परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ' (लूका 17:25)। 'आधी रात को धूम मची: देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो' (मत्ती 25:6)।

बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

परमेश्वर के आत्मा का वचन "क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है" (उद्धरण, मंच संस्करण)



परमेश्वर के आत्मा का वचन "क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है" (उद्धरण, मंच संस्करण)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "इस बार, परमेश्वर कार्य करने आत्मिक देह में नहीं, बल्कि एक एकदम साधारण देह में आया है। यह न केवल परमेश्वर के दूसरी बार देहधारण की देह है, बल्कि यह वही देह है जिसमें वह लौटकर आया है। यह बिलकुल साधारण देह है। इस देह में दूसरों से अलग कुछ भी नहीं है, परंतु तुम उससे वह सत्य ग्रहण कर सकते हो जिसके विषय में तुमने पहले कभी नहीं सुना होगा।

सोमवार, 28 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग एक)


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग एक)  

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारण का अर्थ यह है कि परमेश्वर देह में प्रकट होता है, और वह अपनी सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करने आता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, उसे सबसे पहले देह, सामान्य मानवता वाली देह अवश्य होना चाहिए; यह, कम से कम, सत्य अवश्य होना चाहिए। वास्तव में, परमेश्वर का देहधारण का निहितार्थ यह है कि परमेश्वर देह में रह कर कार्य करता है, परमेश्वर अपने वास्तविक सार में देहधारी बन जाता है, एक मनुष्य बन जाता है। ......

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...