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शनिवार, 13 अप्रैल 2019

पवित्र आत्मा का वचन "तुम लोगों को अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए"


पवित्र आत्मा का वचन "तुम लोगों को अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अपने दैनिक जीवन में तुम लोग एक ऐसे वातावरण में रहते हो जिसमें कोई सत्य या भला एहसास नहीं है। तुम में अस्तित्व में बने रहने के लिए प्रधान वस्तु की कमी है और मुझे या सत्य को जानने के लिए तुम लोगों के पास आधार नहीं है। तुम्हारा विश्वास महज एक ऐसे अस्पष्ट भरोसे पर या धार्मिक रीति-रिवाजों और ज्ञान के ऊपर बना हुआ है जो पूरी तरह सिद्धांतों पर टिका हुआ है। प्रतिदिन मैं तुम लोगों के क्रियाकलापों को देखता हूँ और तुम लोगों के इरादों और बुरे परिणामों की जाँच करता हूँ। मुझे कभी भी ऐसा कोई नहीं मिला जो सचमुच में अपना हृदय और अपनी आत्मा मेरी वेदी के ऊपर रखे, जिसे कभी हटाया न गया हो।

गुरुवार, 21 मार्च 2019

Maseeh ke kathan "जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं"


Maseeh ke kathan "जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर पर अपने विश्वास में, तुम्हें परमेश्वर को कैसे जानना चाहिए? तुम्हें परमेश्वर को उसके आज के वचनों और कार्य के आधार पर जानना चाहिए, बिना किसी विचलन या भ्रान्ति के, और अन्य सभी चीजों से पहले तुम्हें परमेश्वर के कार्य को जानना चाहिए। यही परमेश्वर को जानने का आधार है। अन्य सभी विभिन्न भ्रांतियां जिनमें परमेश्वर के वचन की शुद्ध स्वीकृति नहीं है वे धार्मिक धारणाएं हैं, ये वे स्वीकृति हैं जो पथभ्रष्ट और गलत हैं।

बुधवार, 13 मार्च 2019

Maseeh ke kathan "स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है"


Maseeh ke kathan "स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है, तथा मसीह परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धारण किया गया देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है बल्कि आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा पूर्ण परमेश्वरत्व दोनों हैं। उसकी दिव्यता किसी भी मनुष्य द्वारा धारण नहीं की जाती है।

रविवार, 10 मार्च 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन-सातवाँ कथन"


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन-सातवाँ कथन"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "मेरे लोगो, जब तुम लोग मेरे वचनों को सुनते हो, तो क्या तुम लोग मेरी इच्छा को समझते हो? क्या तुम लोग मेरे हृदय को देखते हो? अतीत में, जब तुम लोग सेवा के पथ पर यात्रा कर रहे थे, तो तुम लोग उतार-चढ़ाव से होकर गुज़रे थे, तुम लोगों ने प्रगतियों और असफलताओं का सामना किया था, और ऐसे समय भी आए थे जब तुम लोग नीचे गिरने के ख़तरे में थे और यहाँ तक कि मुझसे विश्वासघात करने वाले थे; लेकिन क्या तुम लोग जानते थे कि हर घड़ी मैं हमेशा तुम लोगों को बचाने के कार्य में लगा हुआ था?

मंगलवार, 5 मार्च 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "'धार्मिकता' का तात्पर्य भिक्षा देना नहीं है, इसका अर्थ अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम करना नहीं है, और इसका अर्थ लड़ाई-झगड़ा करना, बहस करना, लूटना या चोरी करना नहीं है। धार्मिकता का अर्थ परमेश्वर के आदेश को अपने कर्तव्य के रूप में लेना और परमेश्वर के आयोजनों और व्यवस्थाओं का, समय और स्थान की परवाह किए बिना, स्वर्ग से भेजी गयी वृत्ति के रूप में पालन करना है, ठीक वैसे ही जैसे प्रभु यीशु द्वारा किया गया था।

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

परमेश्वर के आत्मा का वचन "केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है"


परमेश्वर के आत्मा का वचन "केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "जो पूर्ण बनाए जा चुके हैं वे विजय प्राप्त किए जाने के बाद सिर्फ़ आज्ञाकारिता प्राप्त करने में समर्थ नहीं होते हैं, बल्कि वे ज्ञान प्राप्त करने और अपने स्वभाव को बदलने में भी समर्थ होते हैं। वे परमेश्वर को जानते हैं, परमेश्वर को प्रेम करने के मार्ग का अनुभव करते हैं, और सत्य से भरे हुए हैं। वे जानते हैं कि परमेश्वर के कार्य का कैसे अनुभव किया जाए, परमेश्वर के लिए दुःख उठाने में समर्थ हैं, और उनकी स्वयं की इच्छाएँ हैं।......

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

पवित्र आत्मा का वचन "सेवा के धार्मिक तरीके पर अवश्य प्रतिबंध लगना चाहिए"


पवित्र आत्मा का वचन "सेवा के धार्मिक तरीके पर अवश्य प्रतिबंध लगना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "आज से, परमेश्वर विधिवत् उन्हें पूर्ण बनाएगा जिनकी कोई धार्मिक अवधारणाएँ नहीं हैं, जो अपनी पुरानी अस्मिताओं को एक ओर रखने के लिए तैयार हैं, और जो एक सरल-हृदय से परमेश्वर का आज्ञापालन करते हैं, और वह उन्हें पूर्ण बनाएगा जो परमेश्वर के वचन की लालसा करते हैं। ऐसे लोगों को खड़े हो जाना चाहिए और परमेश्वर की सेवा करनी चाहिए। परमेश्वर में अनंत विपुलता और असीम बुद्धि है। उसके अद्भुत कार्य और बहुमूल्य वचन अधिक से अधिक लोगों द्वारा उनका आनंद लिए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग छे:)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग छे:)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
अय्यूब की गवाही परमेश्वर के लिए सुकून लेकर आती है
हालाँकि परमेश्वर ने अय्यूब पर अपने आपको प्रकट नहीं किया था, फिर भी अय्यूब ने परमेश्वर की संप्रभुता पर विश्वास किया
परमेश्वर में अय्यूब का विश्वास नहीं हिला क्योंकि परमेश्वर उससे छिपा हुआ था
अय्यूब परमेश्वर के नाम को धन्य कहता और आशीषों या विपत्तियों के बारे में नहीं सोचता

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो के क्रम में)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर उन नियमों का स्वामी है जो विश्व को नियन्त्रित करते हैं, वह उन नियमों को नियन्त्रित करता है जो सभी प्राणियों के जीवित बचे रहने पर शासन करते हैं, और वह कुछ इस तरह संसार एवं सभी चीज़ों को भी नियन्त्रित करता है कि वे एक साथ मिलकर रह सकते हैं; और इसे ऐसा बनता है ताकि वे विलुप्त या गायब न हों ताकि मानवजाति निरन्तर अस्तित्व में रह सके, और मनुष्य परमेश्वर के नेतृत्व के माध्यम से एक ऐसे वातावरण में रह सकता है।

गुरुवार, 31 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "तुम किस के प्रति वफादार हो?"


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "तुम किस के प्रति वफादार हो?"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "क्योंकि इन वर्षों में, मैंने तुम में से किसी से कभी भी कोई वफादारी प्राप्त नहीं की है। इन वर्षों में, तुमने मेरा अनुसरण किया है, फिर भी तुमने मेरे प्रतिवफादारी नहीं दिखाई है। इसके बजाए, तुम उन लोगों के चारों ओर घूमते रहे हो जिनसे तुम प्रेम करते हो और ऐसी चीज़ों के चारों ओर जो तुम्हें प्रसन्न करती हैं, इतना ज़्यादा कि उन्हें हृदय के करीब रख लिया और उन्हें कभी भी, किसी भी समय, कहीं भी छोड़ा नहीं।......

बुधवार, 30 जनवरी 2019

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर उन नियमों का स्वामी है जो विश्व को नियन्त्रित करते हैं, वह उन नियमों को नियन्त्रित करता है जो सभी प्राणियों के जीवित बचे रहने पर शासन करते हैं, और वह कुछ इस तरह संसार एवं सभी चीज़ों को भी नियन्त्रित करता है कि वे एक साथ मिलकर रह सकते हैं; और इसे ऐसा बनता है ताकि वे विलुप्त या गायब न हों ताकि मानवजाति निरन्तर अस्तित्व में रह सके, और मनुष्य परमेश्वर के नेतृत्व के माध्यम से एक ऐसे वातावरण में रह सकता है।

मंगलवार, 29 जनवरी 2019

परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग दो)


परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर के कार्य की बुद्धि को जानते हैं, और वे उन कई मार्गों जिनके माध्यम से वह मानवजाति को बचाता है, और सम्पूर्ण मानवजाति के लिए उसकी इच्छा से अनभिज्ञ रहता है।

सोमवार, 28 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग एक)


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग एक)  

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारण का अर्थ यह है कि परमेश्वर देह में प्रकट होता है, और वह अपनी सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करने आता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, उसे सबसे पहले देह, सामान्य मानवता वाली देह अवश्य होना चाहिए; यह, कम से कम, सत्य अवश्य होना चाहिए। वास्तव में, परमेश्वर का देहधारण का निहितार्थ यह है कि परमेश्वर देह में रह कर कार्य करता है, परमेश्वर अपने वास्तविक सार में देहधारी बन जाता है, एक मनुष्य बन जाता है। ......

रविवार, 27 जनवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V परमेश्वर की पवित्रता (II)" (भाग एक)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V परमेश्वर की पवित्रता (II)" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यह इसलिए है कि लोग गलत स्वभाव के मध्य जीते और एक बुरे और गंदे जगत में रहते हैं। वे जो कुछ देखते हैं, वे जो कुछ छूते हैं, वे जो कुछ अनुभव करते हैं, वह शैतान की बुराई और शैतान का भ्रष्टाचार है, साथ ही साथ कुचक्र,अंतर्कलह और युद्ध होते हैं, जो उन लोगों के बीच होते हैं जो शैतान के प्रभाव में होते हैं। इसी कारण, जब कभी परमेश्वर लोगों के मध्य में अपना कार्य करते हैं, या जब कभी परमेश्वर लोगों से बात करते हैं और उनके द्वारा अपना स्वभाव और तत्व लोगों पर प्रदर्शित किया जाता है, तब लोग यह देख पाने या ग्रहण करने के योग्य नहीं होते कि पवित्रता क्या है।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग दो)


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "देहधारण का अर्थ यह है कि परमेश्वर देह में प्रकट होता है, और वह अपनी सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करने आता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, उसे सबसे पहले देह, सामान्य मानवता वाली देह अवश्य होना चाहिए; यह, कम से कम, सत्य अवश्य होना चाहिए। वास्तव में, परमेश्वर का देहधारण का निहितार्थ यह है कि परमेश्वर देह में रह कर कार्य करता है, परमेश्वर अपने वास्तविक सार में देहधारी बन जाता है, एक मनुष्य बन जाता है।

बुधवार, 23 जनवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग दो)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
चौथे दिन, जब परमेश्वर ने एक बार फिर से अपने अधिकार का उपयोग किया तो मानवजाति के लिए मौसम, दिन, और वर्ष अस्तित्व में आ गए
पाँचवे दिन, जीवन के विविध और विभिन्न रूप अलग अलग तरीकों से सृष्टिकर्ता के अधिकार को प्रदर्शित करते हैं।

मंगलवार, 22 जनवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग एक)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग एक)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर का स्वभाव सब के लिए खुला हुआ है और यह छिपा हुआ नहीं है, क्योंकि परमेश्वर ने जान-बूझकर कभी भी किसी व्यक्ति को दूर नहीं किया है और उसने कभी भी जान-बूझकर स्वयं को छिपाने का प्रयास नहीं किया है जिससे लोग उसे जानने या समझने के योग्य नहीं हो पाएँगे। परमेश्वर का स्वभाव हमेशा से ही खुला हुआ है और हमेशा से ही खुले तौर पर प्रत्येक व्यक्ति का सामना करता आया है।

सोमवार, 21 जनवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग तीन)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग तीन)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "लेकिन नूह के हृदय एवं चेतना में, परमेश्वर का अस्तित्व पूर्ण एवं बिना किसी सन्देह के था, और इस प्रकार परमेश्वर के प्रति उसकी आज्ञाकारिता अमिश्रित थी और परीक्षा का सामना कर सकती थी। परमेश्वर के प्रति उसका हृदय शुद्ध एवं खुला हुआ था। उसे परमेश्वर के हर एक वचन का अनुसरण करने हेतु अपने आपको आश्वस्त करने के लिए सिद्धान्तों के बहुत अधिक ज्ञान की आवश्यकता नहीं थी, न ही उसे परमेश्वर के अस्तित्व को साबित करने के लिए बहुत सारे तथ्यों की आवश्यकता थी, ताकि जो कुछ परमेश्वर ने सौंपा था वह उसे स्वीकार कर सके और जो कुछ भी करने के लिए परमेश्वर ने उसे अनुमति दी थी वह उसे करने के योग्य हो सके।

रविवार, 20 जनवरी 2019

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं"


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "विश्व के सृजन के बाद से परमेश्वर के आत्मा ने इतना महान कार्य किया है; उसने विभिन्न युगों के दौरान, और भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न कार्य किए हैं। प्रत्येक युग के लोग उसके भिन्न स्वभाव को देखते हैं, जो कि उस भिन्न कार्य के माध्यम से प्राकृतिक रूप से प्रकट होता है जिसे वह करता है। वह दया और करुणा से भरा हुआ परमेश्वर है; वह मनुष्य और मनुष्य के चरवाहे के लिए पापबलि है, फिर भी वह मनुष्य पर न्याय, ताड़ना, और श्राप भी है।

सोमवार, 7 जनवरी 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "हम यहाँ पर आदर्श वचनों को पढ़ते हैं जिन्हें अय्यूब के द्वारा बोला गया था, ऐसे वचन जो इस बात का प्रमाण हैं कि उसने शैतान पर विजय पा लिया था। उसने कहा, "मैं अपनी माँ के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊँगा।" यह परमेश्वर के प्रति अय्यूब की आज्ञाकारिता की मनोवृत्ति है। इसके आगे, फिर उसने कहा: "यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।" अय्यूब के द्वारा कहे गए इन वचनों से प्रमाणित होता है कि परमेश्वर मनुष्य के हृदय की गहराई का अवलोकन करता है, यह कि वह मनुष्य के मस्तिष्क के भीतर देख सकता है, और वे साबित करते हैं कि अय्यूब के विषय में उसकी स्वीकृति त्रुटिहीन है, और यह कि यह मनुष्य धर्मी था जिसे परमेश्वर के द्वारा स्वीकार किया गया था।

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...