परमेश्वर के वचन के पाठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
परमेश्वर के वचन के पाठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 29 नवंबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सत्रहवाँ कथन"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "सम्पूर्ण मानवजाति मेरे चेहरे को देखने की लालसा करती है, परन्तु जब मैं पृथ्वी पर व्यक्तिगत रूप से उतरता हूँ, तो वे सब मेरे आगमन के विरुद्ध हो जाते हैं, वे सभी रोशनी को आने से भगा देते हैं, मानो कि मैं स्वर्ग में मनुष्यों का शत्रु हूँ। मनुष्य अपनी आँखों में एक रक्षात्मक रोशनी के साथ मेरा स्वागत करता है और इस बात से गहराई से भयभीत होकर कि मेरे पास उसके लिए कुछ अन्य योजनाएँ हो सकती हैं, हमेशा सतर्क बना रहता है।

बुधवार, 28 नवंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग दो)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: परमेश्वर के मार्ग पर चलें: परमेश्वर का भय मानें और बुराई से दूर रहें परमेश्वर यह परखने के लिए विभिन्न परीक्षाओं का उपयोग करता है कि लोग परमेश्वर का भय मानते और बुराई से दूर रहते हैं या नहीं परमेश्वर का भय न मानना और बुराई से दूर न रहना परमेश्वर का विरोध करना है

शनिवार, 24 नवंबर 2018

मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग दो के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें" (भाग दो)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:
परमेश्वर के मार्ग पर चलें: परमेश्वर का भय मानें और बुराई से दूर रहें
परमेश्वर यह परखने के लिए विभिन्न परीक्षाओं का उपयोग करता है कि लोग परमेश्वर का भय मानते और बुराई से दूर रहते हैं या नहीं

रविवार, 18 नवंबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यदि तुम एक सच्चे ईसाई हो, तो तुम निश्चय ही इस बात पर विश्वास करोगे कि किसी भी देश या राष्ट्र का उत्थान या पतन परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही किसी देश या राष्ट्र के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मानवजाति के जीवन के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि मानवजाति अच्छा भाग्य पाना चाहती है, यदि कोई देश अच्छा भाग्य पाना चाहता है, तो मनुष्य को अवश्य परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए,

शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग चार)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग चार)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:
नीनवे के लोगों के हृदयों में सच्चे पश्चाताप से उन्होंने परमेश्वर की दया को प्राप्त किया और उस ने उनके अंत को बदल दिया
परमेश्वर की करुणा और सहनशीलता दुर्लभ नहीं है - मनुष्य का सच्चा पश्चाताप दुर्लभ है
सृष्टिकर्ता का धर्मी स्वभाव सच्चा और स्पष्ट है
मानवजाति के प्रति सृष्टिकर्ता की सच्ची भावनाएं
सृष्टिकर्ता मानवता के लिए अपनी सच्ची भावनाओं को प्रकट करता है

गुरुवार, 15 नवंबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या आप जाग उठे हैं?"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या आप जाग उठे हैं?"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अगर लोग जीवित प्राणी बनना चाहते हैं, और परमेश्वर के गवाह बनना चाहते हैं, और परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार करना होगा, उन्हें आनंदपूर्वक उसके न्याय व ताड़ना के प्रति समर्पित होना होगा, और आनंदपूर्वक परमेश्वर की काट-छांट और बर्ताव को स्वीकार करना होगा।

बुधवार, 14 नवंबर 2018

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार के क्रम में)

    सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "जब अय्यूब पहली बार अपनी परीक्षाओं से होकर गुज़रा था, तब उसकी सारी सम्पत्ति और उसके सभी बच्चों को उससे ले लिए गया था, परन्तु उसके परिणामस्वरूप वह नीचे नहीं गिरा या ऐसा कुछ भी नहीं कहा जो परमेश्वर के विरुद्ध पाप था।......दूसरी परीक्षा में, शैतान ने अय्यूब को तकलीफ देने के लिए अपना हाथ बढ़ाया, और हालाँकि अय्यूब ने ऐसा दर्द सहा जिसे उसने पहले कभी नहीं सहा था, तौभी उसकी गवाही लोगों को अचरज में डालने के लिए काफी थी। उसने एक बार फिर से शैतान को हराने के लिए अपनी सहनशक्ति, अंगीकार, और परमेश्वर के प्रति अपनी आज्ञाकारिता का उपयोग किया, और उसके आचरण एवं उसकी गवाही को एक बार फिर से परमेश्वर के द्वारा स्वीकृत किया गया एवं उसका समर्थन किया गया।......

सोमवार, 12 नवंबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम्हें पता होना चाहिए, कि जिन मनुष्यों का मैंने सृजन किया था वे पवित्र मनुष्य थे जो मेरी छवि और मेरी महिमा को धारण करते थे। वे शैतान से संबंधित नहीं थे, न ही वे इससे कुचले जाने के अधीन थे, बल्कि, शैतान के ज़रा से भी ज़हर से मुक्त, शुद्ध रूप से मेरी ही अभिव्यक्ति थे।

बुधवार, 7 नवंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग तीन)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग तीन)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम इसमें क्या देखते हैं? जब परमेश्वर ने मानवता में होकर काम किया, तो उसकी बहुत सारी पद्धतियाँ, वचन, और सच्चाईयाँ सब कुछ मानवीय तरीके से प्रकट हो गए थे। परन्तु उस समय परमेश्वर का स्वभाव, और परमेश्वर का स्वरूप वह सब लोगों के लिए प्रकट हुआ ताकि उन्हें जाना और समझा जा सके। जो कुछ उन्होंने जाना और समझा था वह वास्तव में जो उसके पास है तथा जो वह है और उसका सार था, जो स्वयं परमेश्वर की स्वाभाविक पहचान और स्थिति को दर्शाता था।

सोमवार, 5 नवंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग दो)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 

हालाँकि परमेश्वर का क्रोध मनुष्य से छिपा हुआ और अज्ञात है, फिर भी यह किसी अपराध को नहीं सहता है

परमेश्वर का क्रोध समस्त सच्ची शक्तियों और समस्त सकारात्मक चीज़ों के लिए बचाव है

यद्यपि शैतान दयालु, धर्मी और गुणवान प्रतीत होता है, फिर भी वह निर्दयी और सत्व में बुरा है।

परमेश्वर के धर्मी स्वभाव को जानने के लिए एक मनुष्य को अनुभव और कल्पना पर भरोसा नहीं करना चाहिए

शनिवार, 3 नवंबर 2018

परमेश्वर के कथन "परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "नए प्रकाश की सराहना करना, उसे स्वीकार करने में समर्थ होना और उसे अभ्यास में लाना ही परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता की कुंजी है। केवल यही सच्ची आज्ञाकारिता है।...... परमेश्वर के अनुग्रहों के बीच रह कर सन्तुष्ट न होना, सत्य के लिए सक्रियता से प्यासे होना, और सत्य की खोज करना, और परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जाने खोज करना—सचेतनता से परमेश्वर की आज्ञा मानने का यही अर्थ है; यह ठीक उसी प्रकार का विश्वास है जो परमेश्वर चाहता है।"

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग तीन)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव" (भाग तीन)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:
(II) सच्चे पश्चाताप के जरिए मानवता परमेश्वर की करुणा और सहनशीलता को प्राप्त करती है।
नीनवे की कहानी का सारांश
यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है
यहोवा परमेश्वर की चेतावनी के प्रति नीनवे और सदोम की प्रतिक्रिया में सरासर अन्तर
नीनवे के राजा का पश्चाताप यहोवा परमेश्वर की प्रशंसा पाता है

रविवार, 28 अक्टूबर 2018

मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग दो के क्रम में)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग दो के क्रम में)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर ने इन दो लोगों की सृष्टि की और उनके साथ अपने सहयोगियों के समान व्यवहार किया था। उनके एकमात्र परिवार के समान, परमेश्वर ने उनके रहन-सहन का ख्याल रखा और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा। यहाँ, परमेश्वर आदम और हव्वा के माता-पिता के रूप में प्रकट होता है। जब परमेश्वर यह करता है, मनुष्य नहीं देखता कि परमेश्वर कितना ऊंचा है;

शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग छे:)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग छे:)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "जो परमेश्वर की निंदा करते हैं या उसे कोसते हैं उन लोगों के प्रति उसका उपचार, या वे जो उस पर कलंक लगाते हैं—लोग जो जानबूझकर उस पर हमला करते हैं, कलंक लगाते हैं, और उसे कोसते हैं—वह उनकी आँखों को अँधा या कान को बहरा नहीं करता है। उनके प्रति उसके पास एक साफ मनोवृत्ति है।

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग पांच के क्रम मे)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग पांच के क्रम मे)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री:
शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इसी वजह से, सभी जीवित प्राणी व्यवस्था के अनुसार रहते हैं
केवल परमेश्वर ही, जिसके पास सृष्टिकर्ता की पहचान है, अद्वितीय अधिकार रखता है
सृष्टिकर्ता की पहचान अद्वितीय है, और तुम्हें बहुईश्वरवाद के विचार को श्रेय नहीं देना चाहिए
यद्यपि मानवजाति को भ्रष्ट किया जा चुका है, फिर भी वह सृष्टिकर्ता के अधिकार की संप्रभुता के अधीन रहता है

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग दो)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I" (भाग दो)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर ने इन दो लोगों की सृष्टि की और उनके साथ अपने सहयोगियों के समान व्यवहार किया था। उनके एकमात्र परिवार के समान, परमेश्वर ने उनके रहन-सहन का ख्याल रखा और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा। यहाँ, परमेश्वर आदम और हव्वा के माता-पिता के रूप में प्रकट होता है। जब परमेश्वर यह करता है, मनुष्य नहीं देखता कि परमेश्वर कितना ऊंचा है; वह परमेश्वर की सबसे ऊँची सर्वोच्चता, उसकी रहस्यमयता को नहीं देखता है, और ख़ासकर उसके क्रोध या प्रताप को नहीं देखता है।

बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "और ऐसा इसलिए है क्योंकि मनुष्य को मानवजाति के लिए परमेश्वर के द्वारा किए गए उद्धार के कार्य की महत्ता और परमेश्वर के प्रबंधकारणीय कार्य की महत्ता की समझ नहीं है, और वह यह नहीं समझता कि परमेश्वर अंततः मनुष्य को कैसा बनते देखना चाहता है। क्या शैतान के दोष से रहित आदम और हव्वा के समान? नहीं! परमेश्वर का प्रबंधन लोगों के एक ऐसे समूह को प्राप्त करने के लिए है जो उसकी आराधना करे और उसके अधीन रहे।

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग पांच)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग पांच)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट होता है" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: 
शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इसी वजह से, सभी जीवित प्राणी व्यवस्था के अनुसार रहते हैं
केवल परमेश्वर ही, जिसके पास सृष्टिकर्ता की पहचान है, अद्वितीय अधिकार रखता है
सृष्टिकर्ता की पहचान अद्वितीय है, और तुम्हें बहुईश्वरवाद के विचार को श्रेय नहीं देना चाहिए
यद्यपि मानवजाति को भ्रष्ट किया जा चुका है, फिर भी वह सृष्टिकर्ता के अधिकार की संप्रभुता के अधीन रहता है

रविवार, 21 अक्टूबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "अंतिम दिनों का परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण बनाने के लिए मुख्यतः वचनों का उपयोग करता है। वह मनुष्यों का दमन करने, या उन्हें मनाने के लिये संकेतों और चमत्कारों का उपयोग नहीं करता है; इससे परमेश्वर की सामर्थ्य को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। यदि परमेश्वर केवल संकेतों और चमत्कारों को दिखाता, तो परमेश्वर की वास्तविकता को प्रकट करना लगभग असंभव होता, और इस तरह मनुष्य को पूर्ण बनाना भी असंभव हो जाता।

शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "यहोवा के कार्य के बाद, यीशु मनुष्यों के बीच में अपना कार्य करने के लिये देहधारी हो गया। उसका कार्य एकाकीपन में नहीं किया गया, बल्कि यहोवा के कार्य पर किया गया। यह नये युग के लिये एक कार्य था जब परमेश्वर ने व्यवस्था के युग का समापन कर दिया था। इसी प्रकार, यीशु का कार्य समाप्त हो जाने के बाद, परमेश्वर ने तब भी अगले युग के लिये अपने कार्य को जारी रखा, क्योंकि परमेश्वर का सम्पूर्ण प्रबंधन सदैव आगे बढ़ता है।

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...