जो नये काम को स्वीकारते हैं वो धन्य हैं
I
धन्य हैं जो नए कार्य को करते हैं स्वीकार।
धन्य हैं जो नए कार्य को करते हैं स्वीकार।
धन्य हैं वो सब जो करते हैं पालन, पवित्र आत्मा के आज के कथनों का।
नहीं फ़र्क पड़ता कि वे कैसे हुआ करते थे,
या पवित्र आत्मा उनमें कैसे काम किया करता था--
धन्य हैं वे ज़्यादा सबसे, जिन्होंने पा लिया है नवीनतम कार्य।
आह ... आह ...
धन्य हैं वे ज़्यादा सबसे, जिन्होंने पा लिया है नवीनतम कार्य,
और जो नाकाम हैं नवीनतम कार्य का, पालन कर पाने में, हटा दिए गए हैं।
II
परमेश्वर चाहता है उन्हें, जो कर पाते हैं नई रोशनी को स्वीकार,
और चाहता है उन्हें, जो करते हैं नवीनतम कार्य को स्वीकार।
वो कर पाते हैं खोज पवित्र आत्मा के काम की
और समझ पाते हैं नई चीज़ों को,
और कर पाते हैं दरकिनार पुरानी धारणा को,
और करते हैं पालन आज, परमेश्वर के काम का।








