कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "तुम किस के प्रति वफादार हो?"
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "क्योंकि इन वर्षों में, मैंने तुम में से किसी से कभी भी कोई वफादारी प्राप्त नहीं की है। इन वर्षों में, तुमने मेरा अनुसरण किया है, फिर भी तुमने मेरे प्रतिवफादारी नहीं दिखाई है। इसके बजाए, तुम उन लोगों के चारों ओर घूमते रहे हो जिनसे तुम प्रेम करते हो और ऐसी चीज़ों के चारों ओर जो तुम्हें प्रसन्न करती हैं, इतना ज़्यादा कि उन्हें हृदय के करीब रख लिया और उन्हें कभी भी, किसी भी समय, कहीं भी छोड़ा नहीं।......
तुम अपने आप को उन कार्यों में लीन कर देते हो जिनके विषय में, तुम में जुनून हैः जैसे कि कोई बेटे बेटियों को लेकर, कोई अपने पतियों, पत्नियों, धन सम्पत्ति, कार्य, ऊँचे अधिकारियों, पदस्थिति या स्त्रियों को लेकर वफादार होते हैं। जिनके प्रति तुम वफादार होते हो, उन्हें लेकर तुम कभी भी ऊबते नहीं हो और झुंझलाते नहीं हो; सिवाय इसके, तुम उन चीज़ों को, जिनके प्रति तुम वफादार हो, बड़ी मात्रा और गुणवत्ता में पाने के लिए अधिक लालायित होते हो, और तुम कभी भी निराश नहीं होते हो। उन चीज़ों की तुलना में एवं उन चीज़ों को लेकर जिनके बारे में तुम जुनूनी हो, मुझे और मेरे वचनों को हमेशा ही सबसे आखिरी स्थान में धकेल देते हो। और तुम्हारे पास इसके सिवाए कोई विकल्प नहीं बचता कि उन्हें आखिरी श्रेणी में रखो। कुछ लोग आखिरी स्थान को किसी और चीज़ के लिए छोड़ देते हैं ताकि वे उसके प्रति वफादार हो सकें जिसे अभी तक खोजा नहीं गया है। ऐसे लोगों ने कभी भी अपने हृदय में मेरा थोडा-सा भी स्थान नहीं रखा है।"
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