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सोमवार, 29 जुलाई 2019

अध्याय 10

आखिरकार, राज्य का युग बीते हुए समयों से अलग है। मनुष्य जो कुछ करता है यह उससे संबंधित नहीं है।


अध्याय 10


आखिरकार, राज्य का युग बीते हुए समयों से अलग है। मनुष्य जो कुछ करता है यह उससे संबंधित नहीं है। उसके बजाए, पृथ्वी पर उतरने के बाद मैं व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करता हूँ-वह कार्य जिसका मनुष्य न तो अनुमान लगा सकते हैं और जिसे न ही पूरा कर सकते हैं। संसार की सृष्टि से लेकर आज तक, इन सारे वर्षों में यह हमेशा कलीसिया के निर्माण के विषय में था, किन्तु कोई भी राज्य के निर्माण के बारे में नहीं सुनता है। यद्यपि मैं अपने मुँह से इसके विषय में बात करता हूँ, फिर भी क्या कोई है जो उसके सार तत्व को जानता है? मैं एक बार मनुष्यों के संसार में उतरा था और उनके दुख दर्द का अवलोकन और अनुभव किया था, किन्तु मैंने अपने देहधारण के उद्देश्य को पूरा नहीं किया था।

सोमवार, 22 जुलाई 2019

तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई

6000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं।


तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई


6000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य केवल मानवजाति के पूर्णरूपेण विकास की प्रवृत्ति के अनुसार धीरे-धीरे रूपान्तरित हुआ है; सृष्टि के आरंभ में इसकी पहले से योजना नहीं बनाई गई थी। संसार का सृजन करने से पहले, या इसके सृजन के ठीक बाद, यहोवा ने अभी तक कार्य के प्रथम चरण, व्यवस्था की; कार्य के दूसरे चरण—अनुग्रह की; और कार्य के तीसरे चरण—जीतने की योजना नहीं बनायी थी, जिनमें वह सबसे पहले लोगों के एक समूह—मोआब के कुछ वंशजों के बीच कार्य करता, और इसके माध्यम से वह समस्त ब्रह्माण्ड को जीतता।

बुधवार, 3 जुलाई 2019

परमेश्वर के नियम से इनकार करने के लिए सीसीपी विज्ञान का उपयोग करती है: क्या यह एक आशीष है या अभिशाप?


परमेश्वर के नियम से इनकार करने के लिए सीसीपी विज्ञान का उपयोग करती है: क्या यह एक आशीष है या अभिशाप?


सुन योंगली (सामाजिक विज्ञान अकादमी का प्राध्यापक): अभी-अभी आपने बहुत अच्छा बोला। बहुत ही, वाज़िब लगा। लेकिन यह बात विज्ञान के मुताबिक़ नहीं है, और इसका वैज्ञानिक सबूत नहीं खोजा गया है। इसलिए परमेश्वर का अस्तित्व है या नहीं, यह तय करना नामुमकिन है। परमेश्वर में अपनी आस्था को लेकर सबके अपने विचार और राय हैं। मुझे ऐसा लगता है कि आपके विचार और सिद्धांत आपकी अपनी समझ के अनुसार हैं, और ये सब सिर्फ भ्रम हैं। हम साम्यवादियों को यकीन है भौतिकवाद और विकासवाद के सिद्धांत ही सत्य हैं क्योंकि वे, विज्ञान के मुताबिक़ हैं।

शुक्रवार, 7 जून 2019

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा


तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे, ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा


क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्धारा कहे गए वचनों को सुनना चाहते हो? यदि ऐसा है, तो तुम यीशु के लौटने का कैसे स्वागत करेंगे? क्या तुम पूरी तरह से तैयार हो? किस ढंग से तुम यीशु के लौटने का स्वागत करेंगे? मुझे लगता है कि प्रत्येक भाई और बहन जो यीशु का अनुसरण करतें हो यीशु का अच्छी तरह से स्वागत करना चाहेंगे। परन्तु क्या तुम लोगों ने विचार किया है कि जब यीशु वापस आएगा तो क्या तुम सचमुच में उसे पहचान लेंगे? क्या तुम लोग सचमुच में वह सब कुछ समझ जाएँगे जो वह कहेगा? क्या तुम लोग वे सब कार्य जो यीशु करेगा, उन्हें, बिना किसी शर्त के, सचमुच में स्वीकार कर लेंगे? वे सब जिन्होंने बाइबल पढ़ी है, यीशु के लौटने के बारे में जानते हो, और वे सब जिन्होंने बाइबल को अभिप्राय से पढ़ी है, उसके आगमन की प्रतीक्षा करते हो।

सोमवार, 6 मई 2019

केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है

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केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है


जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर के बिना जीवन का मार्ग नहीं है, और इसलिए केवल परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जीवन के जल का सदा बहने वाला सोता है। जब से उसने संसार को रचा है, परमेश्वर ने जीवन की प्राणशक्ति से जुड़े बहुत से कार्य किये हैं, बहुत सारा कार्य मनुष्य को जीवन प्रदान करने के लिए किया है और बहुत अधिक मूल्य चुकाया है ताकि मनुष्य जीवन को प्राप्त करे, क्योंकि परमेश्वर स्वयं ही अनन्त जीवन है, और वह स्वयं ही वह मार्ग है जिससे मनुष्य नया जन्म लेता है।

बुधवार, 16 जनवरी 2019

Hindi Christian Video "भक्ति का भेद" क्लिप 2 - जब प्रभु लौटेंगे तो क्या वे मनुष्यों को प्रकटन देंगे?


Hindi Christian Video "भक्ति का भेद" क्लिप 2 - जब प्रभु लौटेंगे तो क्या वे मनुष्यों को प्रकटन देंगे?

कई धार्मिक पादरियों और एल्डर्स ने, क्योंकि उन्होंने कई वर्षों से परमेश्वर पर विश्वास किया है, हमेशा परमेश्वर के लिए कड़ी मेहनत से कार्य किया है और प्रभु की वापसी की प्रतीक्षा करते हुए काफी सतर्क रहे हैं, उनका मानना है कि जब प्रभु आएंगे तो वे निश्चित रूप से उन्हें प्रकटन देंगे। क्या यह दृष्टिकोण परमेश्वर के कार्य के तथ्यों के अनुरूप है? क्या जब परमेश्वर देहधारण करेंगे, तो वे निश्चित रूप से मनुष्य को प्रकटन देंगे? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "मनुष्य न तो परमेश्वर के कार्य का सावधानीपूर्वक अध्ययन करता है और न ही इसे विनम्रता से स्वीकार करता है; बल्कि, मनुष्य परमेश्वर से प्रकाशन और मार्गदर्शन का इंतजार करते हुए, तिरस्कार का दृष्टिकोण अपनाता है।

शनिवार, 29 दिसंबर 2018

कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन-ग्यारहवाँ कथन"


कलिसियाओं के लिए पवित्र आत्मा के वचन "संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन-ग्यारहवाँ कथन"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "सर्वशक्तिमान की नज़रों में सम्पूर्ण मानवजाति में से किसकी देखभाल नहीं की जाती है? कौन सर्वशक्तिमान द्वारा पूर्वनियति के बीच नहीं रहता है? किसके जन्म और मृत्यु उसके स्वयं के चयन से आते हैं? क्या मनुष्य अपने स्वयं के भाग्य को नियंत्रित करता है? कई लोग मृत्यु की माँग करते हैं, फिर भी यह उनसे काफी दूर रहती है; कई लोग ऐसे होना चाहते हैं जो जीवन में मज़बूत हैं और मृत्यु से डरते हैं, फिर भी उनकी जानकारी के बिना, उन्हें मृत्यु की खाई में डुबाते हुए, उनकी मृत्यु का दिन निकट आ जाता है; कई लोग आसमान की ओर देखते हैं और गहरी आह भरते हैं; कई लोग अत्यधिक रोते हैं, क्रन्दन करते हुए सिसकते हैं; कई लोग परीक्षणों के बीच गिर जाते हैं; कई लोग प्रलोभन के बंदी बन जाते हैं।"

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग चार)


अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III" (भाग चार)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम इसमें क्या देखते हैं? जब परमेश्वर ने मानवता में होकर काम किया, तो उसकी बहुत सारी पद्धतियाँ, वचन, और सच्चाईयाँ सब कुछ मानवीय तरीके से प्रकट हो गए थे। परन्तु उस समय परमेश्वर का स्वभाव, और परमेश्वर का स्वरूप वह सब लोगों के लिए प्रकट हुआ ताकि उन्हें जाना और समझा जा सके। जो कुछ उन्होंने जाना और समझा था वह वास्तव में जो उसके पास है तथा जो वह है और उसका सार था, जो स्वयं परमेश्वर की स्वाभाविक पहचान और स्थिति को दर्शाता था।

मंगलवार, 20 नवंबर 2018

“देह में प्रकट हुआ परमेश्वर का अधिकार और सामर्थ्य”


Best Hindi Christian Song 2018 | “देह में प्रकट हुआ परमेश्वर का अधिकार और सामर्थ्य”


"वचन के देहधारी होने" के सच को पूरा करने,
धरती पर आया परमेश्वर।
यानी, परमेश्वर के वचन प्रकट होते हैं देह से।
पूर्व विधान से अलग, मूसा के ज़माने में,
जब परमेश्वर सीधे आसमाँ से बोलता था।
तब वे सारे होंगे पूरे, हज़ार साल के राज्य के युग में,

रविवार, 11 नवंबर 2018

Hindi Christian Movie Trailer | कितनी सुंदर वाणी। | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus?


Hindi Christian Movie Trailer | कितनी सुंदर वाणी। | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus?

डॉन्‍ग जिंगशीन चीन की एक गृह कलीसिया में प्रचारक हैं। वे पिछले तीस वर्षों से प्रभु में विश्वास कर रही हैं, और उन्हें सत्य से प्रेम है; वे अक्सर प्रभु के वचनों को पढ़ती है और उनसे प्रेरित होती हैं। वे प्रभु के लिए बड़े उत्साह से स्वयं को समर्पित करती है। अपने प्रचारक के कार्य की वजह से, चीनी कम्युनिस्ट सरकार की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था, जहाँ उन्हें क्रूरता और यातनाओं का सामना करना पड़ा।

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...