वह मेरा परमेश्वर है
नहीं और कोई वही जानता है तेरे दिल की बात
न कोई जाने हमारे भाव और फितरत उसकी हथेली की तरह
न कोई जाना विद्रोही तेवर या इंसान की भटकी डगर को
कोई बोल न सके या समझा सके हमको जन्नत के प्रभु की तरफ से
हमको जन्नत के प्रभु की तरफ से
नहीं है किसी और को हासिल प्रभु का विवेक और अधिकार
नहीं किसी और को हासिल गरिमा परमेश्वर की
परमेश्वर का स्वाभाव और क्या पास उनके और वो क्या है
सम्पूर्णता से उत्पन्न है उनके शरीर से
नहीं और कोई है उसके जैसा जो हमको उजाला ला कर दे