रविवार, 7 अक्टूबर 2018

Clip "द्वार पर दस्तक" (1) - प्रभु के आगमन का स्‍वागत करते के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण अभ्यास क्‍या है?


Hindi Gospel Movie Clip "द्वार पर दस्तक" (1) - प्रभु के आगमन का स्‍वागत करते के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण अभ्यास क्‍या है?

प्रभु यीशु ने कहा था, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं;" (यूहन्ना 10:27) (© BSI) प्रकाशितवाक्‍य में भी कई बार इसकी भविष्‍यवाणी की गर्इ है, "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।" पवित्रात्मा की आवाज और उसके वचन ही प्रभु की आवाज हैं, और ये परमेश्‍वर की भेड़ें ही हैं जो परमेश्‍वर की आवाज को पहचानेंगी। तो र्इसाइयों के लिए प्रभु के आगमन का स्‍वागत करते समय कौन सा अभ्यास सबसे महत्‍वपूर्ण है?


The Lord Jesus said, "My sheep hear my voice, and I know them, and they follow me" (Jhn 10:27). It is also prophesied many times in Revelation, "He that has an ear, let him hear what the Spirit says to the churches." The voice and words of the Spirit are the voice of the Lord, and it is God's sheep who will recognize God's voice. What practice, then, is most important for Christians as they welcome the coming of the Lord?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God

Hindi Christian Song | परमेश्वर से दिल की बात | Praise the Love of God हे ईश्वर! अपने दिल की बातें बताना चाहती हूँ तुम्हें। तुम्हा...