परमेश्वर तुम्हारे ह्रदय और रूह को खोज रहा
मानव, जिन्होंने त्यागा है सर्वशक्तिमान का दिया जीवन,
अस्तित्व में क्यों वे हैं जानें ना, फिर भी डरते हैं मृत्यु से।
न कोई सहारा, न मदद,
फिर भी मानव आँखों को बंद करने में अनिच्छुक है,
ज़ुर्रत कर, दिखाता है एक अशोभनीय अस्तित्व, इस जहां में,
बिन आत्माओं की चेतना के शरीरों में।
जीते हो तुम आशा के बिन।
जैसे जीता है वो लक्ष्य के बिन।
रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है,
रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है,
आएगा जो बचाने उन्हें रोएं जो कष्ट से
और हताश हो तड़पते हैं उसके आगमन के लिए।
इन लोगों में जो हैं अभी अचेत,
यह विश्वास नहीं है जगाया जा सकता।
फिर भी लोगों में इसे प्राप्त करने की इच्छा है।
सर्वशक्तिमान को है करुणा उनपे जो पीड़ा में हैं।
और साथ ही वो ऊब चुका है इनसे जो हैं बेहोश,
क्योंकि करना होता है उसको बहुत इंतज़ार
मनुष्य से पाने को जवाब।
वो चाहता है ढूंढना तुम्हारे दिल और रूह को।
वो देना चाहता है भोजन और पानी तुम्हें।
जगाना चाहता है,
वो तुम्हें ताकि तुम भूखे और प्यासे न रहो।
और जब तुम थक जाते हो,
और जब तुम खुद को अकेला पाते हो, अपने इस संसार में,
न घबराना तुम, न रोना तुम।
सर्वशक्तिमान ईश्वर,
किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा।
और जब तुम थक जाते हो,
और जब तुम खुद को अकेला पाते हो, अपने इस संसार में,
न घबराना तुम, न रोना तुम।
सर्वशक्तिमान ईश्वर,
किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा।
और जब तुम थक जाते हो,
और जब तुम खुद को अकेला पाते हो, अपने इस संसार में,
न घबराना तुम, न रोना तुम।
सर्वशक्तिमान ईश्वर,
किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा।
निगरानी वो कर रहा, इंतज़ार में तुम्हारे लौटने के।
तुम्हारे याददाश्त लौटने का इंतज़ार वो कर रहा।
तुम्हारे जान जाने का कि तुम परमेश्वर से ही आये हो,
यह सत्य कि आये हो तुम परमेश्वर से ही।
एक दिन तुम राह खो कर, किसी तरह कहीं पे,
पड़े थे बेहोश किनारे एक सड़क के,
और फिर अनजाने में मिला तुमको “पिता”।
तुम्हें हो एहसास कि सर्वशक्तिमान वहां पहरे पर है।
इंतज़ार कर रहा है तुम्हारे वापस लौट आने का, एक अरसे से।
वो बेहद चाहता है।
वो करता इंतज़ार प्रत्युत्तर के लिए बिन किसी जवाब के।
उसका इंतज़ार है अनमोल
और यह है दिल के लिए, मानव के रूह और दिल के लिए।
ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा,
या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है।
पर जानना तुम्हें
है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह? कहाँ हैं वे?
ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा,
या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है।
पर जानना तुम्हें
है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह?
ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा,
या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है।
पर जानना तुम्हें
है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह?
ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा,
या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है।
पर जानना तुम्हें
है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह? कहाँ हैं वे?
"वचन देह में प्रकट होता है" से
चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।
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