प्रभु हर युग में नए कार्य करते हैं
प्रभु की प्रज्ञा नहीं बदलती, प्रभु का विस्मय नहीं बदलता,
उनकी धार्मिकता नहीं बदलती, उनका वैभव नहीं बदलता,
प्रभु का सत्व नहीं बदलता,
उनमें जो है और वे जो हैं कभी ना बदलेगा।
और उनक कार्य अग्रसर है और गहराता जा रहा
प्रभु हैं सदा नए, कभी न पुराने,
नया नाम, नया काम हर युग में; नया संकल्प, नया स्वभाव।