जो नये काम को स्वीकारते हैं वो धन्य हैं
धन्य हैं वो सभी जो, हैं सक्षम आज्ञा पालन में
उस पवित्र आत्मा के, वास्तविक कथनों की।
फर्क नहीं पड़ता वो कैसे थे, कैसे पवित्र आत्मा,
कैसे पवित्र आत्मा, उनमें काम किया करती थी,
जिन्हों ने पा लिए नव अवसर, सबसे अधिक धन्य हैं वो।
नव अवसर पालन में, जो नाकाम हो जाएं वो तो लुप्त हो जायेंगे।
प्र भु उन्हें ही चाहतें हैं, नयी रोशनी को जो माने,
और उनके नए काम को जो, स्वीकारें और जानें।